DNA ने खोली जातियों की 8 हजार साल पुरानी कहानी:ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और संथाल के पूर्वज एक; संस्कृति संसद में प्रो. ज्ञानेश्वर का दावा

जाति के नाम पर बंटे समाज के सामने विज्ञान ने एक ऐसा सवाल खड़ा किया है, जो सदियों पुरानी सामाजिक धारणाओं को सोचने पर मजबूर कर सकता है। आखिर ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, जनजाति और दूसरे समुदायों के पूर्वज कौन थे? क्या ये समुदाय मूल रूप से अलग-अलग थे या कभी इनके पूर्वज एक ही थे? काशी में आयोजित सांस्कृतिक संसद में प्रोफेसर...
वाराणसी / नई दिल्ली: जाति के नाम पर बंटे समाज के सामने विज्ञान ने एक ऐसा सवाल खड़ा किया है, जो सदियों पुरानी सामाजिक धारणाओं को सोचने पर मजबूर कर सकता है। आखिर ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, जनजाति और दूसरे समुदायों के पूर्वज कौन थे? क्या ये समुदाय मूल रूप से अलग-अलग थे या कभी इनके पूर्वज एक ही थे? काशी में आयोजित सांस्कृतिक संसद में प्रोफेसर...
Varanasi अनुभाग से जुड़े इस प्रमुख घटनाक्रम पर संबंधित विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, घटनाक्रम के विभिन्न पहलुओं का विश्लेषण किया जा रहा है और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
क्षेत्रीय विश्लेषकों का मानना है कि इस घटनाक्रम का सीधा असर आने वाले दिनों में देखने को मिल सकता है। मामले से जुड़े प्रमुख हितधारकों और जानकारों से प्रतिक्रियाएं ली जा रही हैं। इस संबंध में जैसे ही कोई नई आधिकारिक घोषणा या रिपोर्ट सामने आएगी, विस्तृत जानकारी तुरंत साझा की जाएगी।
(ख़बर और ताज़ा अपडेट के लिए News Varanasi के साथ बने रहें। स्रोत: Bhaskar)