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वाराणसी के रूफॉप कैफे और हेरिटेज होमस्टे बने पर्यटकों की नई पसंद, गंगा किनारे सनसेट व्यू का उठा रहे लुत्फ

October 28, 2026, 02:53 AM News Varanasi Bureau 1 day ago
वाराणसी के रूफॉप कैफे और हेरिटेज होमस्टे बने पर्यटकों की नई पसंद, गंगा किनारे सनसेट व्यू का उठा रहे लुत्फ

काशी आने वाले सैलानी अब पारंपरिक होटलों के बजाय गंगा किनारे के हेरिटेज होमस्टे और रूफॉप कैफे को तरजीह दे रहे हैं। इससे स्थानीय पर्यटन उद्योग को एक नया और आधुनिक कलेवर मिल रहा है।

बनारस आने का मतलब कभी पारंपरिक धर्मशालाएं या साधारण होटल हुआ करते थे, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में काशी के आतिथ्य सत्कार (Hospitality) के तौर-तरीकों में क्रांतिकारी बदलाव आया है। मणिकर्णिका से लेकर अस्सी घाट तक फैली प्राचीन इमारतों को अब खूबसूरत 'हेरिटेज होमस्टे' में तब्दील कर दिया गया है। इन होमस्टे में ठहरने वाले पर्यटकों को न केवल बनारस की असली जीवनशैली करीब से देखने को मिलती है, बल्कि वे स्थानीय परिवारों के साथ रहकर शुद्ध बनारसी भोजन का आनंद भी लेते हैं।

इसके साथ ही गोदौलिया और चौक क्षेत्र की पुरानी हवेलियों की छतों पर बने 'रूफॉप कैफे' युवाओं और विदेशी पर्यटकों के बीच हॉटस्पॉट बन गए हैं। शाम के समय इन कैफे से गंगा के घाटों का विहंगम दृश्य, अस्त होता सूरज और दूर गूंजती शंख-घंटियों की आवाज के बीच कॉफी की चुस्कियां लेना एक अद्भुत अनुभव प्रदान करता है। इन स्थानों पर स्थानीय संगीतकारों द्वारा लाइव सिथार और फ्लूट वादन का आयोजन भी किया जाता है, जो माहौल को और भी सुहाना बना देता है।

पर्यटन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण के बाद से शहर में आने वाले पर्यटकों के ठहरने की औसत अवधि (Average Stay Duration) बढ़ी है। पर्यटक अब सिर्फ दर्शन करके लौटने के बजाय 3 से 4 दिन रुककर शहर की लाइफस्टाइल को जीना पसंद कर रहे हैं, जिससे होमस्टे और कैफे मालिकों का कारोबार भी तेजी से बढ़ा है।

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